उत्पत्ति कथा

अंतिम अद्यतन:04-07-2012


एन्नोर भारत के तमिल नाडु राज्य में चेन्नई बंदरगाह से 24 किमी उत्तर की ओर कोरोमंडल तट पर अवस्थित है। यह भारत का 12 वाँ सबसे बड़ा तथा पहला कारपोरेटीकृत सबसे बड़ा पोर्ट है।

एन्नोर पोर्ट की प्राथमिक अवधारणा इसे चेन्नई बंदरगाह के उपग्रहीय बंदरगाह के रूप में विकसित करने की थी, जिसका प्राथमिक कार्य तमिल नाडु बिजली बोर्ड (टीएनईबी) के तापिवद्युत संयंत्रों को कोयले की सप्लाई करना होता। बाद में हुए कई घटनाक्रमों को देखते हुए इसके कार्यक्षेत्र में वृद्धि की गई। इन घटनाक्रमों में शामिल है तमिल नाडु सरकार की निम्न परियोजनाएँ लगाने की योजना

  1. एक निजी क्षेत्र की कंपनी के साथ मिलकर 1880 मेगावाट क्षमता वाली एक एलएनजी विद्युत परियोजना
  2. एक वृहत् पेट्रो केमिकल पार्क
  3. एक नेप्था क्रेकर संयंत्र

चेन्नई हार्बर तथा निकटवर्ती क्षेत्रों में लोहा अयस्क तथा कोयले की ढुलाई के कारण पैदा प्रदूषण तथा पर्यावरणीय खतरे को देखते हुए इन कारगो वस्तुओं को चेन्नई बंदरगाह से अन्यत्र स्थानांतरित करना आवश्यक हो गया था।.

कोयला बर्थ (टीएनईबी के अलावा अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए), लोहा अयस्क, एलएनजी, पीओएल, रसायन तथा अन्य द्रव तथा प्रस्तावित पेट्रो केम पार्क की स्थापना के बाद खुलने की संभावना वाले उद्योगों के काम आने वाले कच्चे तेल के बर्थ की योजना के पीछे यही तर्क था। इन कारकों ने एन्नोर पोर्ट को नई सहस्राब्दी के एक बहुमुखी ऊर्जा पोर्ट के रूप में विकसित करने में योगदान दिया है।.

एन्नोर पोर्ट के पहले चरण का विकास कार्य पूरा हो चुका है। इस पोर्ट का आदरणीय भारत के प्रधानमंत्री ने 1.2.2001 को उद्घाटन कर इसे देश को समर्पित किया था। इसका व्यावसायिक परिचालन गत 22.6.2001 को हेंडीमेक्स गियर्ड वेसेल से थर्मल कोयले की अनलोडिंग से शुरू हो गया। सेल्फ-अनलोडिंग तथा गियरलेस वेसेल 65000/77000 DWT के इस्तेमाल से इसका पूर्ण स्तरीय परिचालन दिसंबर 2002 से शुरू हो गया।.

अंतिम अद्यतन:04-07-2012     यह एन्नोर पोर्ट लिमिटेड (ईपीएल) की आधिकारिक वेबसाइट है साइटमैप प्रतिक्रियाअस्वीकरण